Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान गिरफ्तार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर महिला सैन्य अफसरों पर की थी टिप्पणी

Author Image
Written by
Amit Anand

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रेस ब्रीफिंग करने वाली सैन्य अधिकारियों पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में राई स्थित अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद पर एक्शन लिया गया है।

अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में सोशल मीडिया पर की गई विवादित टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की ओर से उनकी टिप्पणियों पर स्वतः संज्ञान लेने के कुछ दिनों बाद उन पर एक्शन लिया गया है। आरोप है कि उन्होंने भारतीय सेना में महिला अफसरों को कमतर आंका और सांप्रदायिक कलह को बढ़ावा दियाहरियाणा राज्य आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया की सिफारिश के बाद प्रोफेसर अली को रविवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस कुछ देर में उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी। 

मध्य प्रदेश की तर्ज पर हो कार्रवाई- रेनू भाटिया

उल्लेखनीय है कि हरियाणा राज्य आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखकर प्रो. अली खान पर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा था कि प्रो. अली खान पर मध्य प्रदेश की तर्ज पर कार्रवाई की जानी चाहिए। रेनू भाटिया ने पत्र में बताया था कि प्रोफेसर अली खान ने देश की नामचीन बेटियों पर विवादित टिप्पणी की है।

अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में सोशल मीडिया पर की गई विवादित टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की ओर से उनकी टिप्पणियों पर स्वतः संज्ञान लेने के कुछ दिनों बाद उन पर एक्शन लिया गया है। आरोप है कि उन्होंने भारतीय सेना में महिला अफसरों को कमतर आंका और सांप्रदायिक कलह को बढ़ावा दिया।उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की तर्ज पर आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। भाटिया कहा कि प्रोफेसर को यूनिवर्सिटी से तुरंत हटाया जाना चाहिए क्योंकि आरोपित ने देश की बेटियों का अपमान किया है। प्रो. ऐसे पेशे में है जहां युवाओं को संस्कार देने का काम किया जाता है लेकिन प्रो. अपने बयानों से जहर उगल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रो. अली खान के युवाओं को पढ़ाने का विषय तो मानवीयता है, लेकिन वे इसके विपरीत अमानवीयता पढ़ा रहे हैं।

बता दें कि इस मामले को लेकर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने हाल ही में एसोसिएट प्रोफेसर को उनकी टिप्पणी के लिए नोटिस भी भेजा था। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इस कार्रवाई में करीब 100 आतंकी मारे जाने का दावा किया गया है।

 

क्या बिना तय समय-सीमा के, राज्यपालों द्वारा बिलों पर देरी राजनीतिक हस्तक्षेप की गुंजाइश बढ़ाती है?

Advertisement Box
Advertisement Box