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जब आसमान से बरसेंगे रंग, दो बत्ती चौराहे पर गूंजेगा उल्लास का संग!

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Written by
–राकेश कटारिया

कल होगी गुलाल की बरसात, दो बत्ती पर माल!


रतलाम, 18 मार्च। रतलाम की पहचान सिर्फ उसकी ऐतिहासिक विरासत से नहीं, बल्कि यहाँ की रंगीन परंपराओं और सांस्कृतिक उत्सवों से भी है। हर साल की तरह इस बार भी बुधवार यानी कल दो बत्ती चौराहे पर रंगों की अनूठी छटा बिखरने वाली है, जहाँ दो बत्ती रंगारंग मंच और इ खबर टुडे के संयुक्त प्रयास से भव्य गुलाल उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

रतलाम की रंगपंचमी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि उत्साह, भाईचारे और आनंद का अनूठा संगम है। गुलाल के फव्वारों से महकती फिज़ा, ढोल-नगाड़ों की गूंज, और रंगों में सराबोर होते चेहरे, यह सब मिलकर इस पर्व को एक अविस्मरणीय अनुभव में बदल देते हैं।


दो बत्ती चौराहा: इतिहास और रंगों का संगम

रतलाम का दो बत्ती चौराहा, जहाँ महाराजा सज्जन सिंह की भव्य प्रतिमा स्थापित है, न केवल ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि रंगपंचमी जैसे सांस्कृतिक आयोजनों का भी केंद्र बन चुका है।

1951 में स्थापित महाराजा सज्जन सिंह की यह प्रतिमा रतलाम की गौरवशाली विरासत का प्रमाण है। वर्षों से इस प्रतिमा के समक्ष गुलाल उत्सव का आयोजन किया जाता रहा है, जो शहरवासियों के लिए न केवल रंगों की खुशी लेकर आता है, बल्कि इतिहास और परंपरा को जीवंत रखने का जरिया भी बनता है।


इस बार का आयोजन क्यों होगा खास?

इस साल के आयोजन को लेकर शहरवासियों में गजब का उत्साह है। दो बत्ती रंगारंग मंच और प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल इ खबर टुडे  के संयुक्त नेतृत्व में इस बार का रंगपंचमी उत्सव पहले से भी अधिक भव्य और यादगार होने जा रहा है।

गुलाल की बौछार:

  • दो बत्ती चौराहे पर विशेष रंग फव्वारे लगाए जाएंगे, जो पूरे दिन रंगों की बारिश करेंगे।
  • हर कोई एक-दूसरे को गुलाल लगाकर इस रंगीन उत्सव में शामिल होगा।
  • पर्यावरण अनुकूल और प्राकृतिक रंगों के प्रयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

संगीत और उल्लास:

  • पूरे दिन ढोल-नगाड़ों और फाग गीतों की गूंज से माहौल संगीतमय रहेगा।
  • शहरवासी ढोल की थाप पर झूमेंगे और रंगों के बीच नृत्य का आनंद लेंगे।

शहरभर में उत्सव की लहर:

  • रतलाम की प्रसिद्ध गैर (जुलूस) रंगपंचमी के दिन शहर की सड़कों पर निकलेगी।
  • विभिन्न स्थानों पर संस्थाओं द्वारा रंगों की बौछार और उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
  • पूरे रतलाम में इस दिन रंगों का ऐसा नज़ारा देखने को मिलेगा, जो हर किसी के मन में इस पर्व की छवि को अमिट बना देगा।

रंगपंचमी की तैयारी और बैठक

इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर दो बत्ती रंगारंग मंच की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन समिति और शहर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। बैठक में संजय अग्रवाल (समाजसेवी), कमलेश मोदी, रवि जौहरी (भाजपा नेता), जोएब आरिफ (वरिष्ठ कांग्रेस नेता), विनोद मिश्रा ‘मामा’, सौरभ सोनी (समाजसेवी), संजय जैन जेवीसी, गौरव सोनी प्रमुख रूप से शामिल थे।

बैठक में तय किया गया कि इस बार का आयोजन अधिक भव्य और संगठित होगा, जिसमें शहरवासियों को अधिकतम सुविधा और आनंद प्रदान करने की योजना बनाई गई है।


आयोजनकर्ताओं की अपील

दो बत्ती रंगारंग मंच के सदस्यों ने सभी शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे इस अनूठे उत्सव का हिस्सा बनें और रंगों की मस्ती में डूबकर इस परंपरा को और मजबूत करें।

’इ खबर टुडे’ के संस्थापक एवं संपादक तुषार कोठारी ने कहा कि..

“रंगपंचमी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान है। यह आयोजन हमारे इतिहास और परंपराओं को जीवंत रखने का प्रयास है, जिसमें हर नागरिक को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।”

उत्सव, उमंग और ऐतिहासिक विरासत का संगम

रतलाम की रंगपंचमी केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और ऐतिहासिक धरोहर को संजोने का अवसर भी है। दो बत्ती चौराहे पर महाराजा सज्जन सिंह की प्रतिमा के सान्निध्य में आयोजित गुलाल उत्सव, इस शहर की परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत मिश्रण है।

 

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